Gyaras का मतलब होता है “एकादशी”, मतलब आने वाली एकादशी (Gyaras) कब है। देवउठनी एकादशी 21 नवंबर 2026, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। देवउठनी एकादशी सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है। हम इस आर्टिकल में बात करेंगे कि 2026 Me Devuthni Gyaras Kab Hai तथा देवउठनी एकादशी का इतना महत्व क्यों है?
Devuthni Gyaras Kab Hai 2026
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु 4 महीने की योग निद्रा पूरी करने के बाद उठते हैं यह 21 नवंबर को है, देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को सुबह 7:14 से शुरू होकर 21 नवंबर की सुबह 6:32 पर कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को समाप्त होगी। देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजन किया जाता है जिसमें माता तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह धूमधाम से किया जाता है।
चातुर्मास किसे कहते है?
देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में जाते हैं तथा 4 महीने बाद देव उठनी एकादशी के दिन योग निद्रा से उठते हैं योग निद्रा के इसी समय काल को चातुर्मास कहा जाता है। योग निद्रा में कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य करना अशुभ माना जाता है इसलिए योग निद्रा से उठने के बाद शुभ मांगलिक कार्य जैसे विवाह, पूजा पाठ आदि करना शुरू हो जाता है।
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देवउठनी एकादशी क्यों मनाई जाती है?
आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी एकादशी के बीच के समय में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है लेकिन इस समय में व्रत, तप तथा साधना करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
देव उठानी एकादशी को मनाने का मुख्य कारण यह है कि इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से उठते हैं जिसके कारण सभी शुभ मांगलिक कार्य करना शुरू हो जाता है जिसके परिणाम स्वरुप शादी विवाह, गृह प्रवेश आदि सभी लग्न मुहूर्त चालू हो जाता है।
FAQ
उत्तर:- देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जानते हैं।
उत्तर:- योगनिद्रा तथा खरवास
उत्तर:- 21 नवंबर 2026, दिन शुक्रवार
उत्तर:- 21 नवंबर 2026
उत्तर:- देवउठनी एकादशी
