Gudi Padwa 2027: गुड़ी पड़वा का त्यौहार हर साल चैत्र मास की प्रीतिपदा तिथि को मनाया जाता है। यह साल 2027 में 07 अप्रैल दिन बुधवार को मनाया जायेगा। यह त्यौहार महाराष्ट्र, गुजरात तथा गोवा राज्य में धूम धाम से मनाया जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक खास त्यौहार है क्योकि गुड़ी पड़वा हिन्दू नव वर्ष त्यौहार है।
गुड़ी पड़वा कब है 2027 में – Gudi Padwa 2027 Me Kab Hai?
गुड़ी पड़वा 2027 में 07 अप्रैल दिन बुधवार को मनाया जायेगा यह त्यौहार हिन्दू नव वर्ष के साथ-साथ बसंत ऋतु के आगमन तथा रबी फसल के कटाई का प्रतिक है।
यह त्यौहार खुशिया लेकर आता है तथा हिन्दू धर्म का प्राकृतिक में आस्था को दर्शाता है। क्योकि अधिकांश त्यौहार प्राकृतिक को समर्पित होते है।
गुड़ी पड़वा क्यों मनाया जाता है?
गुड़ी पड़वा त्यौहार मनाए जाने के पीछे कई इतिहास छुपे हुए हैं आइए जानते है कि क्यों गुड़ी पड़वा का त्यौहार मनाया जाता है।
हिंदू नव वर्ष: गुडी पड़वा (Gudi Padwa 2027) को हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का पहला दिन माना जाता है।
बसंत ऋतु: इस त्यौहार के आगमन के साथ गेहूं की फसल की कटाई शुरू तथा बसंत ऋतु का आगमन होता है।
भगवान राम का आगमन: पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान राम भाई लक्ष्मण तथा माता सीता के साथ रावण का वध करने के पश्चात घर वापस आए थे।
सृष्टि की रचना: माना जता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्म ने सृष्टि की रचना की थी।
गुड़ी ध्वज बनाने की विधि आसान भाषा में
गुड़ी पड़वा त्योहार बिना गुड़ी ध्वज के अधूरा माना जाता है गुड़ी ध्वज को हस्तकला द्वारा घर पर ही बनाया जाता है। जिसे गुड़ी पड़वा त्यौहार के दिन उपयोग में लाया जाता है तो आईए जानते हैं कि गुड़ी ध्वज बनाने की विधि क्या है हम आपको स्टेप बाय स्टेप बताएंगे कि गुडी ध्वज कैसे बनाया जाता है।
गुड़ी ध्वज बनाने के लिए सबसे पहले बांस का एक डंडा चाहिए। उसके ऊपरी सिरे पर पीले रंग का कपड़ा बांधे, फिर ऊपरी सिरे को नीम, आम की पत्ती तथा गुड़हल, कनेर, गेंदा आदि के फूलों से सजाए। फिर उसके बाद पीतल या तांबे के लोटे को उल्टा करके उसके ऊपरी सिरों को ढके। नीचे सिरे पर भी आप चाहे तो पीला वस्त्र लपेट सकते हैं जिसे पकड़ने में आसानी रहता है।
गुड़ी पड़वा को किस राज्य में किन किन नामों से जाना जाता है?
गुड़ी पड़वा को भारत के विभिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न नाम से जाना जाता है जैसे इसे गुजरात में गुड़ी पड़वा तथा गोवा में संवत्सर पडवो के नाम से जाना जाता है इसी प्रकार भारत के अनेक राज्यों में इसे भिन्न-भिन्न नाम से जाना जाता है तो आईए जानते हैं कि इसे भारत के किस राज्य में किन नाम से जाना जाता है।
| राज्य का नाम | गुड़ी पड़वा को किस नाम से जाना जाता है। |
| गुजरात | गुड़ी पड़वा |
| गोवा | संवत्सर पड़वो |
| महाराष्ट्र | गुड़ी पड़वा |
| आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा कर्नाटक | उगादी |
| मणिपुर | सजीबू चेइराओबा |
| उत्तर प्रदेश तथा बिहार | चैत्र नवरात्री |
| जम्मू और काश्मीर | नवरेह |
FAQ: Gudi Padwa 2027 से सम्बंधित
उत्तर:- 2027 में Gudi Padwa 07 अप्रैल को है।
उत्तर:- गुड़ी पड़वा हिन्दू नव वर्ष, बसंत ऋतू का आगमन, भगवान राम की घर वापसी तथा सृष्टि की रचना के उपलक्ष में मनाया जाता है।
उत्तर:- उत्तर प्रदेश में गुड़ी पड़वा को चैत्र नवरात्री के नाम से जाना जाता है।
उत्तर:- गुड़ी पड़वा को बिहार में चैत्र नवरात्री के नाम से जाना जाता है।
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